भुवनेश्वर: दक्षिण अंडमान सागर के ऊपर बना निम्न दबाव का क्षेत्र सक्रिय हो गया है। इसके प्रभाव से ओडिशा के कुछ हिस्सों में 1 से 3 नवंबर के बीच बारिश होने का अनुमान है। हालांकि, पूरे राज्य में भारी बारिश की संभावना नहीं जताई गई है। दक्षिण ओडिशा के कुछ इलाकों में गरज-चमक के साथ तेज हवाएं चल सकती हैं। मौसम विभाग के अनुसार, शनिवार को भी राज्य के कई स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश दर्ज की गई।
रायगड़ा, कोरापुट समेत कई जिलों में बारिश और वज्रपात
मौसम विभाग से मिली जानकारी के मुताबिक, शनिवार को रायगड़ा, कोरापुट, मालकानगिरी और गजपति जिलों के कुछ हिस्सों में गरज-चमक और तेज हवाओं के साथ बारिश हुई। मौसम का यह मिजाज अगले कुछ दिनों तक बना रह सकता है। 1 से 3 नवंबर के दौरान दक्षिण और तटीय ओडिशा के कुछ इलाकों में बिजली चमकने और तेज हवा चलने के साथ बारिश होने की संभावना है।
इस दौरान दिन के तापमान में 2 से 3 डिग्री सेल्सियस तक बढ़ोतरी हो सकती है, जबकि रात के तापमान में खास बदलाव होने का अनुमान नहीं है।
2 और 3 नवंबर को कुछ इलाकों में हल्की बारिश के आसार
शिक्षा एवं अनुसंधान संस्थान (एसओए) के जलवायु एवं पर्यावरण केंद्र के निदेशक डॉ. शरत चंद्र साहू ने बताया कि फिलहाल ओडिशा में मौसम मुख्य रूप से शुष्क रहने की संभावना है। कुछ स्थानों पर आसमान में आंशिक रूप से बादल छाए रह सकते हैं, लेकिन व्यापक बारिश के आसार नहीं हैं।
उन्होंने बताया कि अंडमान सागर में बना निम्न दबाव का क्षेत्र मजबूत होकर दक्षिण आंध्र प्रदेश या उत्तर तमिलनाडु की ओर बढ़ सकता है। इसका ओडिशा पर बहुत अधिक प्रभाव पड़ने की संभावना नहीं है। हालांकि, 2 और 3 नवंबर के आसपास राज्य के कुछ इलाकों में हल्की बारिश हो सकती है।
आंध्र तट की ओर बढ़ सकता है निम्न दबाव का क्षेत्र
कृषि मौसम विशेषज्ञ प्रोफेसर सुरेंद्रनाथ पशुपालक के अनुसार, निम्न दबाव का क्षेत्र अवदाब में बदलने के बाद 1 से 3 नवंबर के बीच बंगाल की खाड़ी से होते हुए उत्तर-पश्चिम दिशा में आगे बढ़ सकता है। इसके दक्षिण आंध्र प्रदेश के तट तक पहुंचने की संभावना है। हालांकि, इसके उत्तर तमिलनाडु के तट की ओर बढ़ने की आशंका से भी इनकार नहीं किया जा सकता।
मौसम विशेषज्ञ के मुताबिक, यह सिस्टम और मजबूत होकर गहरे अवदाब या कम तीव्रता वाले चक्रवात में भी बदल सकता है।
ओडिशा तट पर 45 किमी प्रति घंटे तक चल सकती है हवा
समुद्र में मौसम की स्थिति को देखते हुए मछुआरों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी गई है। प्रोफेसर पशुपालक के अनुसार, 1 से 3 नवंबर के बीच ओडिशा तट के पास समुद्र में हवा की रफ्तार 35 से 45 किलोमीटर प्रति घंटा रह सकती है। हवा के झोंकों की गति 55 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंचने का अनुमान है। ऐसे में मछुआरों को समुद्र में जाने से बचने की सलाह दी गई है।
इन जिलों में बारिश और तेज हवाओं की संभावना
गंजाम, गजपति, पुरी, जगतसिंहपुर और केंद्रापड़ा जिलों में हवा की रफ्तार 20 से 35 किलोमीटर प्रति घंटा और झोंकों की गति 45 किलोमीटर प्रति घंटे तक रह सकती है। गंजाम और गजपति में 1 और 2 नवंबर को हल्की से मध्यम बारिश के साथ कुछ स्थानों पर भारी बारिश होने की संभावना जताई गई है।
इसके अलावा कोरापुट, रायगड़ा और मालकानगिरी में 1 और 2 नवंबर को हल्की से मध्यम बारिश के साथ कुछ जगहों पर भारी वर्षा हो सकती है। कंधमाल जिले में छिटपुट स्थानों पर मध्यम बारिश का अनुमान है। वहीं, खुर्दा और कटक में आसमान में बादल छाए रहने के साथ हल्की बारिश हो सकती है। इन दोनों जिलों में हवा की गति 15 से 25 किलोमीटर प्रति घंटा रहने की संभावना है।
